दिलीप बिल्डकॉन में गौतम अडानी की एंट्री: DBL में हो सकती है ADANI ग्रुप की हिस्सेदारी

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दिलीप बिल्डकॉन में  गौतम अडानी की एंट्री: DBL में हो सकती है ADANI ग्रुप की हिस्सेदारी

भोपाल। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े और सबसे अमीर उद्योगपति दिलीप सूर्यवंशी (Dilip Suryavanshi) के ग्रुप दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) की हिस्सेदारी देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल गौतम अडानी (Gautam Adani) के साथ होने जा रही है। इस हिस्सेदारी के लिए अडानी ग्रुप की टेक्निकल और फाइनेंशिएल टीम पिछले कुछ दिनों से भोपाल में डेरा जमाए हुए है। गौतम अडानी की टीम दिलीप बिल्डकॉन के दस्तावेजों की स्क्रूटनी करने में जुटी हुई है। सूत्रों का कहना है कि अडानी ग्रुप, दिलीप बिल्डकॉन के 37 से 45 फीसदी शेयर खरीदकर हिस्सेदारी की डील फाइनल कर सकता है। आइए आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि ये डील क्यों और कैसे आकार लेने जा रही है।

रणनीतिक साझेदारी की बात चल रही हैः दिलीप बिल्डकॉन 

दिलीप बिल्डकॉन के 30 फीसदी शेयर बाजार में हैं और 70 फीसदी शेयर्स में से करीब 38 फीसदी शेयर के मालिक दिलीप सूर्यवंशी हैं। बाकी शेयर्स में से करीब 24 फीसदी शेयर के मालिक सूर्यवंशी के पार्टनर देवेंद्र जैन (Devendra Jain) हैं। करीब आठ फीसदी शेयर की हिस्सेदारी दिलीप सूर्यवंशी की पत्नी सीमा सूर्यवंशी (Seema Suryawanshi) के पास है। अडानी ग्रुप से चल रही हिस्सेदारी की डील के बारे में दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के उच्च पदाधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि कंपनी की कई लोगों से स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप यानि रणनीतिक साझेदारी के लेकर ​बात चल रही है। चूंकि कंपनी सेबी (Sebi) में लिस्टेड है, इसलिए सेबी के नियमों के मुताबिक डील फाइनल होने के बाद ही इस संबंध में आधिकारिक तौर कोई बयान दिया जा सकता है।

दिलीप सूर्यवंशी के पास कितनी संपत्ति ?

डीबीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) दिलीप सूर्यवंशी हैं। वे हाल ही में जारी हुई IIFL Wealth Hurun India's Rich की लिस्ट में मप्र के सबसे अमीर शख्स हैं और देश  में उनका स्थान 377 वां है। इस लिस्ट में देश के उन एक हजार अमीरों को शामिल किया जाता है जिनकी कुल संपत्ति 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है। दिलीप सूर्यवंशी की संपत्ति 4 हजार 100 करोड़ रुपए है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार लिस्ट में उनकी रैंकिंग 24 कम हुई है। पिछले साल इस लिस्ट में वो 353 वें स्थान पर थे। उनकी रैकिंग भले ही कम हुई हो लेकिन दिलीप सूर्यवंशी की संपत्ति में इजाफा हुआ है। पिछले साल यानि 2020 में दिलीप सूर्यवंशी की कुल संपत्ति 2800 करोड़ रु. थी और इस साल इसमें 1300 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दिलीप सूर्यवंशी के व्यावसायिक साझेदार देवेंद्र जैन ने भी इसबार हुरून लिस्ट में जगह बनाई है। वे 2300 करोड़ रु. की कुल संपत्ति के साथ अमीरों की लिस्ट में  582 वें स्थान पर हैं। बता दें कि दिलीप बिल्डकॉन ग्रुप ने हाल ही में राजधानी भोपाल में एक फाइव स्टार होटल बनाया है जिसका संचालन ताज ग्रुप (Taj Group) को सौंपा गया है।

क्यों देना पड़ रही है डीबीएल की हिस्सेदारी ?

आपके मन में सवाल जरूर उठ रहा होगा कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक दिलीप सूर्यवंशी को आखिर अपनी कंपनी की हिस्सेदारी क्यों किसी दूसरे ग्रुप को देना पड़ रही है। डीबीएल कई राज्यों में बड़े-बड़े इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। भोपाल (Bhopal) और इंदौर (Indore) में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट भी डीबीएल के पास है। दरअसल इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए कंपनी ने बैंकों से करोड़ों का लोन लिया है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि सरकारी प्रोजेक्ट्स का समय पर भुगतान न होने से कंपनी की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। इससे कंपनी पर करोड़ों रुपये की देनदारियां बढ़ गईं हैं। भोपाल में जिस जमीन पर ताज होटल (Taj Hotel Bhopal) बना है उसके लिए सरकार ने जमीन लीज पर दी है। जब शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan)  चौथी बार मप्र के मुख्यमंत्री (CM MP) बने तो अपने पुराने मित्र की मदद करने के लिए कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाया गया। फाइव स्टार होटल बनाने के लिए जमीन सरकार से लीज पर ली गई। जमीन को बैंक में गिरवी रखकर लोन देने के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी। हालांकि इस पर वित्त विभाग (Finance Department) ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई थी।

शिवराज के बचपन के दोस्त हैं दिलीप सूर्यवंशी 

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और दिलीप सूर्यवंशी बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने जीवन में लंबे संघर्ष के बाद फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। दोनों की किस्मत के सितारे 1990 के दशक चमकना शुरू हुए। दिलीप सूर्यवंशी ने 1988 में कंस्ट्रक्शन का छोटा सा व्यवसाय शुरू किया। वहीं शिवराज पहली बार 1991 में विदिशा से सांसद चुने गए। शिवराज की केंद्र की राजनीति में एंट्री हुई तो वहीं एनडीए सरकार (NDA Government)  में दिलीप सूर्यवंशी ने रोड कंस्ट्रक्शन के कांट्रेक्ट लेना शुरू कर दिए। शिवराज पहली बार जब 2005 में मप्र के मुख्यमंत्री बने तो दिलीप सूर्यवंशी की दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड 2006 में सेबी में मिड कैप कंपनी की सूची में लिस्टेड हुई। शिवराज सिंह चौहान ने सबसे ज्यादा बार मप्र के मुख्यमंत्री बने रहने का एक रिकॉर्ड कायम किया तो दिलीप सूर्यवंशी भी प्रदेश के उद्योग जगत में शिखर पर जा पहुंचे। आज की तारीख में दिलीप सूर्यवंशी का कारोबार देश के 12 राज्यों में फैल गया है, जिसमें करीब 20 हजार से ज्यादा लोग काम करते हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी रहा है जब दिलीप सूर्यवंशी के पास बेटे के जन्म के पर अपने मित्र-रिश्तेदारों को मिठाई खिलाने तक के पैसे भी नहीं हुआ करते थे। कारोबार शुरू करने के लिए दिलीप सूर्यवंशी को पत्नी की गहने तक गिरवी रखने पड़े थे। यानि मप्र का टॉप बिजनेसमैन बनने के लिए दिलीप सूर्यवंशी ने लंबा संघर्ष किया है। 

The Sootr Adani group in HOLD may adanis stake dilip buildcon 37 to 45 percent in dbl